
मुंबई के नालासोपारा ईस्ट से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने parenting, anger management और घरेलू हिंसा पर गंभीर बहस छेड़ दी है। संतोष भुवन इलाके में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की कथित तौर पर उसकी ही मां ने पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी।
घटना शनिवार शाम की बताई जा रही है, जब टांडा पाड़ा स्थित विद्या विकास मंडल चॉल में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
What Triggered the Crime?
पुलिस के मुताबिक, मृतक लड़की अंबिका प्रजापति अपने छोटे भाई-बहनों के साथ अक्सर मारपीट करती थी। घटना वाले दिन भी उसने अपने एक भाई और बहन को पीटा था। इसी बात पर मां कुमकुम प्रजापति ने उससे सवाल किया—और यहीं से बहस ने खतरनाक मोड़ ले लिया।
गुस्से में आई मां ने कथित तौर पर घर में पड़ा पत्थर उठाकर बेटी के सिर पर वार कर दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि अंबिका मौके पर ही अचेत हो गई।
Hospital से पहले ही मौत
परिवार और पड़ोसियों की मदद से लड़की को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज से पहले ही उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

Police Action
नालासोपारा पुलिस ने आरोपी मां कुमकुम प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि केस में IPC की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं और पूरी जांच जारी है।
Beyond Crime: A Social Failure?
यह मामला सिर्फ एक crime story नहीं, बल्कि एक uncomfortable सवाल भी है— क्या parenting सिर्फ डांट और सज़ा का नाम रह गया है? और जब सिस्टम counseling से पहले हथकड़ी तक पहुंच जाता है, तब बच्चे सबसे असुरक्षित क्यों हो जाते हैं?
एक तरफ “मां” शब्द ममता का प्रतीक माना जाता है, दूसरी तरफ यही रिश्ता जब unchecked anger में बदलता है, तो कानून और समाज—दोनों हारते नज़र आते हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि परिवार में पहले से कोई घरेलू हिंसा या मानसिक तनाव का इतिहास था या नहीं। चॉल के कई निवासियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
